इमान दार बच्चा और जादूगर हज़रत सुहैब (रजिअल्लाहुअनहू) ने कहा , " हमने अल्लाह के रसूल ने फरमाया , ' पहले लोगों में एक राजा था। उसके पास एक जादूगर था। जब जादूगर बूढ़ा हो गया , तो उसने अपने राजा से कहा , ' अब मैं मैं बूढ़ा हो गया हूं।ऐसा करें कि मुझे एक बच्चा दे दें , जिसे मैं सभी जादू सिखा दूं। इसलिए राजा ने जादूगर को एक बच्चा दिया। साधु (राहिब) और बच्चा जिस रास्ते पर बालक बूढ़े जादूगर के पास जाता था , वहां एक पुण्यात्मा ( नेक नफ्स इन्सान ) रहता था , वह बालक उस साधु ( राहिब ) के पास बैठने लगा और उसकी बातें सुनने लगा। उस गुणीं अचछे आदमी बातें बच्चे के दिल में उतर गईं इसलिए जब भी वह जादूगर के पास जाता तो उसे पहले साधु के पास जाकर बैठता था।लेट होने की वजह से जादूगर बच्चे को पीटता था। बच्चे ने इस बात की शिकायत साधु (राहिब) से की। तो साधू ने उस से कहा कि जादूगर से कह देना कि मेरा परिवार ने मुझे रोका लिया और घर वाले डांटें तो कहना कि तांत्रिक (जादूगर) ने आने नहीं दिया। ईमानदार बच्चा और खतरनाक सां...